कृषि

गेहूं के भाव में 200 रुपए की गिरावट, 10 दिन में आधे हो सकते हैं दाम

Mukesh Gusaiana
20 May 2022 7:00 AM GMT
गेहूं के भाव में 200 रुपए की गिरावट, 10 दिन में आधे हो सकते हैं दाम
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- व्यापारी बोले प्रति गाड़ी वापस लाने पर दो लाख का नुकसान, काली पट्टी बांध विरोध करेंगे - गेहूं की अब समर्थन मूल्य पर भी खरीदी 31 मई तक हो सकेंगी - 2015 है समर्थन मूल्य

देश में गेहूं की बढ़ती कीमत को देखते हुए सरकार ने इसके निर्यात पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार ने देश की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। इस आदेश से गेहूं के दाम में भी अचानक 200-250 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई। व्यापारियों ने तो इस पर नाराजगी जताई। इंदौर व्यापारी संघ ने संभाग स्तर पर हड़ताल का आह्वान किया है, लेकिन बुरहानपुर में सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा। व्यापरियों का कहना है कि जो गाडिय़ां गई, उसे वापस लाने में प्रति गाड़ी पर 1.5 से 2 लाख का नुकसान है।

बुरहानपुर में समर्थन मूल्य पर अब तक शून्य खरीदी है। विदेश में गेहूं एक्सपोर्ट होने के कारण समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलने से पूरा गेहूं बाहर एक्सपोर्ट हो रहा था। प्रतिदिन 3 से 4 गाड़ी माल बाहर सप्लाय हो रहा था, एक गाड़ी में लगभग 25 टन गेहूं आता है। व्यापारियों का कहना है कि जहां माल सप्लाय हो रहा है, वहां एक हजार से अधिक गाडिय़ों की कतार लगी है। बुरहानपुर से भी माल गया है, ऐसे में अब इस आदेश से गाड़ी वापस आएगी। व्यापारियों को काफी नुकसान होगा।

अब समर्थन केंद्रों पर आएंगे किसान

रूस और यूके्रन के बीच चल रही लड़ाई के कारण पूरी दुनिया में गेहूं की कीमत में काफी तेजी आई है। भारत में भी गेहूं की कीमत तेजी से बढ़ी। इस कारण बुरहानपुर में तो सरकारी खरीदी हो नहीं सकी। इसकी वजह यह है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से ज्यादा कीमत बाजार में मिल रही थी। लेकिन अब दाम गिरने से समर्थन केंद्रों पर किसान गेहूं खरीदी करने आएंगे। क्योंकि 2015 का भाव सरकार ने तय किया है। निर्यात पर रोक लगने के बाद प्रदेश सरकार ने 15 मई तक होने वाली सरकारी खरीदी की तारीख अब 31 मई कर दी है।

33 रुपए प्रति किलो के पार हुआ आटा

लगातार महंगे हो रहे गेंहू के चलते खुदरा बाजार में आटा महंगा होता जा रहा है। खुदरा बाजार में आटा का औसतन दाम करीब 33.14 रुपए प्रति किलो पर जा पहुंचा है। बीते एक सालों में आटा करीब 13 प्रतिशत महंगा हो चुका है। बीते साल 13 मई को आटा 29.40 रुपए प्रति किलो में मिल रहा था।

बुरहानपुर में ऐसा है गेहूं का उत्पादन और खरीदी

बुरहानपुर में 30 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई, जबकि 70 हजार टन गेहूं का उत्पादन हुआ। अब तक बुरहानपुर का गेहूं गुजरात के कांडला पोर्ट से विदेश में सप्लाय हो रहा था। इस कारण 27 मार्च से समर्थन मूल्य में गेहूं की खरीदी शुरू होने के बाद 15 मई तक शून्य सरकारी खरीदी रही। जबकि पिछले साल 45 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई थी। इस साल 5 हजार टन खरीदी का लक्ष्या था, जो अब पूरा होता नहीं दिखता।

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