कृषि

Animal Feed Rates Double: महंगाई की एक और मार, डीजल के बाद अब तूड़ी (पशुचारे) के रेट हुए डबल

Mukesh Gusaiana
22 April 2022 3:23 PM GMT
Animal Feed Rates Double: महंगाई की एक और मार, डीजल के बाद अब तूड़ी (पशुचारे) के रेट हुए डबल
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पशुओं का सूखा चारा 400 रुपये मन (10 रुपये प्रति किलो) के हिसाब से बिक रहा है। इसलिए पशु पालक किसानों के सामने चारे का संकट खड़ा हो गया है। महंगा चारा पशुओं को मोल खरीदकर खिलाना पशुपालकों के बूते से बाहर दिखाई दे रहा है।

इन दिनों महंगाई की मार हर क्षेत्र में दिखाई दे रही है। इसका असर पशुओं के चारे पर भी दिखाई पड़ रहा है। गेहूं कटाई का सीजन चल रहा है, लेकिन सूखे चारे के दाम आसमान पर चढ़े हुए हैं। एक एकड़ खेती के सूखे चारे (तूड़ी) के लिए पशु पालकों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ चुकाने पड़ रहे हैं, जो हर पशु पालक के बस की बात नहीं है।

सूखे चारे के दाम पहली बार इतने महंगे बताए गए हैं। एक एकड़ सूखे चारे की औसत लगाई जाए तो एक मन 40 किलो ग्राम सूखा चारा करीब 400 रुपये में पड़ रहा है। आसमान छूते इन भावों ने पशुपालक किसानों की चिता बढ़ा दी हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने इतने महंगे दाम पहले कभी नहीं देखे।

अगर चारे के दामों में यही बढ़ोतरी रही तो पशुओं को चारे का संकट पैदा हो सकता है। वहीं चारे के बढ़े दामों के कारण कुछ पशुपालक किसान अपने पशुओं को बेचने की सोचने लगे हैं। एक एकड़ सूखा चारा 20 हजार रुपये में मिल रहा है। चारे पर इतनी महंगाई पहली बार देखी है।

जानिये क्या कहते हैं पशुपालक

-मोहम्मद रफीक, पशु पालक गांव मलाई कई पशु रखे हुए हैं, लेकिन चारे पर महंगाई के कारण पशुओं का चारा खिलाना भी मुश्किल हो गया है।

-अली शेर, पशुपालक गांव टोंका सब्जी, दूध, फल व अब पशुओं के चारे पर महंगाई ने कमर तोड़ कर रख दी है। महंगाई ऐसे ही बढ़ती रही तो आम लोगों को जीना दूभर हो जाएगा।

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