कृषि

DAP खाद के दामों में हुई बढ़ोतरी, जाने अब कितने की हैं एक बोरी

Mukesh Gusaiana
14 Jun 2022 1:35 AM GMT
DAP खाद के दामों में हुई बढ़ोतरी, जाने अब कितने की हैं एक बोरी
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वहीं डीएपी के भाव फिक्स कर दिए गए हैं। डीएपी 1200 रुपए से अधिक कीमत पर नहीं बेची जा सकेगी।

खरीफ फसलों की तैयारी में जुट किसानों पर जल्द मंहगाई की मार पढ़ने वाली है। महंगाई में जहां बीज के दाम बढ़े है वहीं सरकार ने खाद के रेटों को भी बढ़ा दिया है। धान की फसल की तैयारी में जुटे मध्य प्रदेश के किसानों को सुपर खाद के अधिक दाम देना पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने अन्य खादों के साथ ही सिंगल सुपर फास्फेट की कीमत में वृद्धि कर दी है।

वहीं डीएपी के भाव फिक्स कर दिए गए हैं। डीएपी 1200 रुपए से अधिक कीमत पर नहीं बेची जा सकेगी।

सुपर खाद पर यह बढ़ोतरी हुई

खरीफ फसलों की बोवनी के पहले सरकार ने सिंगल सुपर फास्फेट (Single Super Phosphate Fertilizer Price Increased) की 50 किलो की एक बोरी किसानों को अब 425 रुपये में मिलेगी।

यह वृद्धि पिछले साल की तुलना में ₹151 प्रति बोरी है। हालांकि प्रदेश के किसानों को यह राहत भी प्रदान की गई है कि सहकारी समितियों के पास जो खाद पहले से रखी है, उसे वे पुरानी दर पर ही बेचेंगे

उर्वरक समन्वय समिति की बैठक में हुआ निर्णय

किसान बोवनी से पहले खेत को तैयार करने के लिए सुपर फास्फेट (पाउडर) खाद का उपयोग करते हैं। दानेदार खाद का उपयोग अन्य खाद के साथ मिलाकर किया जाता है।

पिछले दिनों कृषि उत्पादन आयुक्त शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में उर्वरक समन्वय समिति की बैठक हुई, जिसमें सिंगल सुपर फास्फेट की दर तय की गई।

अब किसानों को सिंगल सुपर फास्फेट पाउडर की बोरी अब 274 रुपये की जगह 425 रुपये (151 रुपये वृद्धि) में मिलेगी। वहीं, दानेदार खाद 304 रुपये की जगह अब 465 (161 रुपये वृद्धि) रुपये में मिलेगी।

प्रदेश में अब तक 83 हजार टन खाद बिक चुका है

प्रदेश में पिछले साल दो लाख 65 हजार टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) का विक्रय एक अप्रैल से 30 जून तक हुआ था। एक अप्रैल से सात जून 2022 तक 83,000 टन खाद का विक्रय हो चुका है,

जो पिछले साल इस अवधि की तुलना में 18,000 टन कम है। प्रदेश में अभी चार लाख 39 हजार टन एसएसपी उपलब्ध है, जो पिछले साल की तुलना में एक लाख 74 हजार टन अधिक है।

डीएपी का भाव यह रहेगा

सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीएपी को लेकर इस साल शुरुआत में असमंजस की स्थिति थी। पहले 1200 रुपये बोरी में किसानों को खाद दी गई।

बाद में यह 1700 और फिर 1900 रुपये प्रति बोरी हो गई। राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमत को वापस लेने का अनुरोध किया गया।

अन्य राज्यों से भी मांग आई, जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ी हुई कीमतों का भार किसान पर नहीं आने देने का निर्णय किया। सरकार ने तय किया कि किसान को 1200 रुपये में ही प्रति बोरी डीएपी मिलेगी।

इस वर्ष साढ़े चार लाख टन यूरिया का भंडार अधिक

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में साढ़े चार लाख टन यूरिया का भंडार अधिक है। एक अप्रैल से सात जून 2022 की स्थिति में आठ लाख 96 हजार टन यूरिया उपलब्ध है।

इसमें से दो लाख 76 हजार टन का विक्रय हो चुका है, जो पिछले साल की तुलना में 83 हजार टन अधिक है। डीएपी भी चार लाख नौ हजार टन उपलब्ध है, जो पिछले साल से एक लाख 44 हजार टन अधिक है। इसमें से एक लाख 42 हजार टन का विक्रय हो चुका है।

गड़बड़ी होने पर किसान यहां करें शिकायत

संयुक्त पंजीयक सहकारिता अरविंद सिंह सेंगर ने बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि अब कोई भी समिति 1200 रुपये से ज्यादा में डीएपी की बोरी नहीं बेच सकती है।

वहीं दूसरी खाद (Single Super Phosphate Fertilizer Price Increased) भी अधिक दाम पर बेचना गैरकानूनी है। यदि इससे अधिक कीमत लिए जाने की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में वे जिले में उप संचालक को शिकायत करें। कॉल सेंटर नंबर 0755-2558323 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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