कृषि

बाजार में उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को नहीं मिल रहा खाद, खरीफ फसलों की खेती के बीच आ रही बड़ी परेशानी

Sandeep Beni
10 July 2022 6:08 AM GMT
पहले बारिश के कारण किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए इंतजार करना पड़ा और काफी देरी हुई. अब एक तकनीकी दिक्कत के कारण किसानों को खाद के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. वे कृषि विभाग से जल्द इसे ठीक करने की मांग कर रहे हैं.

भारी बारिश के बाद खरीफ फसलों की बुवाई लगभग कई जिलों में शुरू हो चुकी है. आठ दिनों में ही खरीफ सीजन को लेकर तस्वीर बदल गई है. पालघर जिले में भी भारी बारिश हो रही है, इसलिए अंदाजा लगाया जा सकता है कि बुवाई का प्रतिशत तेजी से बढ़ेगा. लेकिन साथ में, स्थानीय स्तर पर किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

दरअसल पालघर में कई दुकानदारों के पास उर्वरक डिस्पैच आईडी नहीं है, इसलिए खाद(Fertilizers) वितरण में देरी हो रही है. अब तक जिले में किसान बारिश नहीं होने से परेशान थे और अब दुकानदारों द्वारा खाद वितरण में हो रही देरी के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है.

राज्य में पिछले आठ दिनों से बारिश (Rain) हो रही है. खासकर पालघर जिले में भारी बारिश शुरू है. इसके चलते सुस्त हुए खरीफ सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है. किसान बीज व खाद खरीदने के लिए बाजार में उमड़ रहे हैं. किसान सोयाबीन के बीज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और बीज के साथ-साथ उर्वक भी खरीदने के इच्छुक हैं, लेकिन कई जगह तकनीकी और प्रक्रिया में दिक्कतों के चलते किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है. इससे किसान मायूस हो रहे हैं.

कृषि सेवा केंद्रों की तरफ से उर्वरक की आपूर्ति की जाती है. उसके बाद संबंधित विक्रेताओं को उर्वरक कंपनी से डिस्पैच आईडी मिलती है. उर्वरक कंपनी को उर्वरक सब्सिडी प्राप्त करने के लिए यह कोड महत्वपूर्ण होता है, लेकिन अभी तक जिले में आरसीएफ द्वारा उर्वक आईडी कॉर्ड जारी नहीं किया गया है, इसिलए विक्रेताओं के पास उर्वरक है, लेकिन वे इसे बेच नहीं सकते हैं. इन्हीं दिक्कतों के चलते खरीफ की बुवाई में देरी हो रही है. बाजार में किसानों की बीज और खाद खरीदी के लिए भीड़ उमड़ रही है.

किसानों को सावधान रहने की जरूरत

कई जिलों में नकली उर्वरक बेचने का मामला भी सामने आया है, जिसके बाद कृषि विभाग किसानों को नकली खाद खरीदी करने से बचने के लिए सतर्क कर रहा है. कृषि विभाग का कहना है कि धोखाधड़ी को रोकने के लिए किसानों को दुकानदारों से नियमित रसीद प्राप्त करने की आवश्यकता है.

साथ ही बिना साधारण बिल लिए एक मुद्रित रसीद लेना भी आवश्यक है. यह जांचने के लिए कृषि सेवा केंद्र भी स्थापित किया गया है. यहां किसान अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. किसानों को ये देखना भी जरूरी है कि बीज या उर्वरक के पंजीकरण संख्या के साथ रसीद पैकिंग पर दिए गए वजन के समान है या नहीं. जो किसान कर्ज पर खाद लेते हैं, उन्हें सर्विस ड्राइवर साधारण बिल देते हैं. अगर आप दुकानदार से सही और असली बिल लेते हैं तो फ्रॉड की स्थिति में उससे दोबारा रिकवरी करना आसान हो सकता है.

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