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Sarso Bhav Today: घटते बढ़ते भाव से सरसों में अब आगे क्या ? तेजी मंदी रिपोर्ट आज 04 मई 2022

Mukesh Gusaiana
4 May 2022 3:34 PM GMT
Sarso Bhav Today: घटते बढ़ते भाव से सरसों में अब आगे क्या ? तेजी मंदी रिपोर्ट आज 04 मई 2022
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ईद होने के कारण मंडियों में सरसों की आवक में भारी कमी देखने को मिली। कम आवक और सोमवार से ही घटे हुए भाव पर तेल मिलों की मांग निकलने से मंगलवार को शाम को सरसों की भाव में तेजी दर्ज की गई।

हालांकि सुबह मार्केट खुलते ही भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल नीचे चले गए थे लेकिन फिर शाम होते होते 50 रुपये की तेजी आ गई। जयपुर में कंडीशन की सरसें के दाम सुबह घटकर 7350 रुपये प्रति क्विंटल रह गए थे, लेकिन मांग बढ़ने से शाम को भाव 7450 रुपये हो गए।

त्योहारों के कारण मंडियों में मंगलवार को सरसों की दैनिक आवकों में भारी गिरावट देखी गई, आवक सिमट कर 2.5 लाख बोरी ही रह गई। जैसा कि मंडी भाव टुडे ने पहले भी बताया कि स्टॉकिस्ट एवं किसान नीचे दाम पर सरसों की बिकवाली नहीं कर रहे हैं।

और सोमवार को सरसों के भाव में नरमी थी। इसलिए मार्केट में बिकवाल नजर नहीं आए। माहौल को देखते हुए ब्रांडेड कंपनियों ने शाम को सरसों की खरीद कीमतों में 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करके खरीद की ।

सलोनी प्लान्टों ने खरीद भाव 100 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाए । बीपी आयल मिल, शारदा आयल मिल और आगरा आयल एवं जनरल इंडस्ट्रीज ने 50-50 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी करके खरीद की। हाजिर मंडियों में भी सरसों के भाव में हल्की तेजी दर्ज की गई।

हाजिर मंडियों की बात करें तो ज्यादतर मंडियों में आवक देखने को नहीं मिली। हाजिर मंडी भाव इस प्रकार से रहे

जयपुर का टॉप भाव ₹ 7450

दिल्ली आज का रेट 7200

खुर्जा भाव ₹ 6555/6600

गोयल कोटा का टॉप भाव ₹ 7200

खैरथल मंडी भाव ₹ 7030

गंगापुर मंडी आज का रेट 7000

बरवाला मंडी भाव ₹ 6800

हिसार मंडी भाव ₹ 6900

सुमेरपुर मंडी भाव ₹ 7325

धौलपुर मंडी भाव ₹ 6725

भरतपुर जिले के भाव ₹ 6975

खरेली मंडी भाव ₹ 7050

आगरा/शमशाबाद/दिगनेर भाव ₹ 7850

अलवर सलोनी भाव ₹ 7900

कोटा सलोनी भाव ₹ 7850

कामां/कुम्हेर/नदबई/डीग/नगर भाव ₹ 6975

पोरसा भाव ₹ 6600 भाव डाउन ₹ 75 आवक 1000

अलवर भाव ₹ 7950+50

आगरा बीपी भाव ₹ 7600

आगरा शारदा भाव ₹ 7600

ग्वालियर भाव ₹ 6700/6800 आवक 250

मथुरा भाव ₹ 6800/6950 आवक 150

टोंक मंडी सरसो भाव ₹ 7225-7240

निवाई मंडी (राजस्थान)सरसो भाव ₹ 7300

हापुड़ मंडी

सरसों भाव ₹ 7400

सरसों तेल कच्ची घानी भाव ₹ 1660/1670

गंगापुर सिटी मंडी

सरसों भाव ₹ 7000

सरसों तेल कच्ची घानी भाव ₹ 1520

गंगानगर मंडी

सरसों भाव ₹ 6500/7000 आवक 200

सरसों तेल कच्ची घानी भाव ₹ 1530 भाव डाउन ₹ 20

सरसों तेल एक्सपेलर भाव ₹ 1510 भाव डाउन ₹ 20

मुरैना मंडी

सरसों भाव ₹ 6700 आवक 2000

सरसों तेल कच्ची घानी भाव ₹ 1520 भाव डाउन ₹ 30

सरसों तेल एक्सपेलर भाव ₹ 1500 भाव डाउन ₹ 30

खल भाव ₹ 2800 भाव डाउन ₹ 25

सरसों खल

बीपी(60KG.पैकिंग) भाव ₹ 3150

(70KG.पैकिंग) भाव ₹ 3160

शारदा भाव ₹ 3001 तेल

मंगलवार को सरसों की दैनिक आवक घटकर ढाई लाख बोरी की ही हुई, जबकि सोमवार को साढ़े पांच बोरियों की आवक हुई थी। हालांकि सरकारी बयानों के कारण सरसों के तेल में नरमी देखने को मिली।

जयपुर में कच्ची घानी सरसों तेल एवं एक्सपेलर के भाव में 3-3 रुपये की गिरावट आकर भाव क्रमशः 1,550 रुपये और 1,540 रुपये प्रति 10 किलो रह गए, लेकिन गौरतलब है कि घटे हुए भाव में मिलों की बिकवाली कमजोर देखी गई। सरसों खल के भाव में कोई घट बढ़ नहीं हुई और कीमतें 2,825 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर बनी रही।

सरसों की बंपर फसल के बावजूद अच्छी आवकें नहीं देखने को मिल रही है हैं क्योंकि किसान ने ऊंचे भाव की उम्मीद में सरसों को रोक लिया है। यही कारण है कि मार्च की तुलना में अप्रैल में सरसों की बाजार आवक में लगभग 45 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अप्रैल माह में 7.22 लाख टन रही, जो मार्च में 13.07 लाख टन थी। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि आगे चलकर सरसों 8500-9000 प्रति क्विंटल के भाव दिखेंगे जो कि आजकल के माहौल में असम्भव नहीं है ।

सरकार द्वारा खाद्य तेलों और तिलहनों पर लगाई गई स्टॉक लिमिट के कारण भी भाव में बहुत बड़ा उछाल नहीं दिख रहा है क्योंकि स्टॉक ना कर पाने के कारण ज्यादा डिमांड नहीं आ रही है।

सरकारी लिमिट अनुसार, मील में केवल 90 दिनों के भंडारण-उत्पादन क्षमता का भंडारण कर सकते हैं। खाद्य तेल के थोक विक्रेता 50 टन तक भंडार कर सकते हैं

मंगलवार को इंडोनेशिया ने अपने फैडरल मंत्रालय को जानकारी दी है कि वह मई के तीसरे सप्ताह में खाद्य तेलों पर लगे प्रतिबंध को हटा सकता है। इससे पहले इंडोनेशिया ने 7 मई को एक समीक्षात्मक बैठक भी बुलाई है।

हालांकि इस बैठक में प्रतिबंध हटाने का निर्णय लेने की संभावना बहुत कम है, लेकिन समीक्षात्मक बैठक में उठने वाले बिंदुओं का अत्यंत महत्व रहेगा । और निकट भविष्य में यह तिलहन की दिशा दशा को प्रभावित करेगा।

वहीं मंगलवार को शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में सोमवार की तुलना में काफी सुधार देखने को मिला, लेकिन ओवर ऑल मार्केट मंदे के साथ ही बंद हुआ। इसलिए खाद्य तेलों में मंगलवार को भी नरमी दिखाई दी।

खाद्य तेलों के भावों में आ रहे उतार चढ़ाव को अस्थाई माना जा सकता है। ओवर ऑल मार्केट की दिशा पॉजिटिव मानी जा सकती है। हालांकि बड़ी तेजी के लिया लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

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