कृषि

भारत में गेहूं की दो और नई किस्में विकसित, गर्मी का नही पड़ेगा इतना असर

Mukesh Gusaiana
13 Jun 2022 7:13 AM GMT
भारत में गेहूं की दो और नई किस्में विकसित, गर्मी का नही पड़ेगा इतना असर
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Heat Tolerant Wheat Variety: अगले रबी सीजन यानी सितंबर-अक्टूबर से बाजार में आ जाएगा गेहूं की नई किस्मों 1634 और 1636 का सर्टिफाइड बीज। कम नहीं होगा उत्पादन।

इस साल भयंकर गर्मी और लू की वजह से गेहूं के उत्पादन में कमी आ गई है। जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पैदावार में कमी की वजह से इसके दाम में वृद्धि हो गई है। ऐसे में अब ऐसी किस्म के गेहूं की बात होने लगी है जो ज्यादा गर्मी और लू में भी अच्छा उत्पादन दे।

जलवायु परिवर्तन (Climate change) को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक काफी दिनों से इस विषय पर काम कर रहे हैं लेकिन इस साल इसकी चर्चा ज्यादा है। क्योंकि इस साल गेहूं की फसल पर गर्मी का बहुत बुरा असर पड़ा है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम स्थित गेहूं अनुसंधान केंद्र गेहूं की ऐसी दो नई किस्में (Wheat Variety) रिलीज की हैं जो ज्यादा तापमान में भी समय से पहले नहीं घटेगा। यानी पैदावार पूरी होगी।

गेहूं की इन नई किस्मों का नाम 1634 और 1636 है। अगले रबी सीजन यानी सितंबर-अक्टूबर से इसका बीज बाजार में आ जाएगा। दरअसल, पुरानी किस्मों के गेहूं के साथ तापमान बढ़ने पर एक समस्या आने लगी है। फरवरी और मार्च में ज्यादा तापमान होने पर समय से पहले फसल पक जाती है। जिससे पैदावार 20-25 फीसदी घट जाती है।

नई किस्मों का कहां हुआ रिसर्च

नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर और सागर में नई किस्म के बीज पर शोध किया गया। जिसमें पाया गया कि अधिक तापमान होने पर भी गेहूं समय से पहले नहीं पक रहा है। पुरानी किस्मों के गेहूं जो औसत पैदावार 65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर थी, वो फरवरी-मार्च में ज्यादा तापमान होने पर कम होकर 55 से 60 क्विंटल रह गई थी। लेकिन नई किस्म के गेहूं में पैदावार 65 की 65 क्विंटल ही रही। तापमान सामान्य रहे तो पैदावार 70 क्विंटल होती है।

कितने दिन में तैयार होता है नई किस्म का गेहूं

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक 1634 किस्म का गेहूं 110 दिन में तैयार हो जाता है। जबकि 1636 किस्म का गेहूं 115 दिन में तैयार होता है। नई किस्मों का स्वाद पुरानी से बेहतर होने का दावा किया गया है। नए किस्म के सीड में पैदावार पुरानी के मुकाबले 10 फीसदी ज्यादा हो तभी उसे रिलीज किया जाता है।

इन क्षेत्रों के लिए भी जारी की गई नई किस्म

इस साल पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी में हीट की वजह से गेहूं की पैदावार काफी कम हो गई है। इसलिए, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, पूर्वी यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए भी वैज्ञानिकों ने गेहूं की ऐसी नई किस्में जारी की हैं जिसकी पैदावार ज्यादा गर्मी में भी कम नहीं होगी। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लिए डीबीडब्ल्यू 332, डब्ल्यूएच 1270, एचआई 1621 और एचआई-1628 जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए के 1006 , डीबीडब्ल्यू 39, एचआई 1612 और एचडी 3249 किस्म जारी की गई हैं।

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