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हरियाणा कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जानिए कब होगा बजट सत्र और इस पर बनेगा कानून

Mukesh Gusaiana
8 Feb 2022 8:21 AM GMT
हरियाणा कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, जानिए कब होगा बजट सत्र और इस पर बनेगा कानून
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H1 India चंडीगढ़। हरियाणा कैबिनेट बैठक की समाप्ति हो गई है। बैठक में कई अहम्…

H1 India चंडीगढ़। हरियाणा कैबिनेट बैठक की समाप्ति हो गई है। बैठक में कई अहम् फैसले लिए गए हैं। हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र दो मार्च से आरंभ होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बजट सत्र की तारीख तय की गई। बजट सत्र की अवधि कितने दिन की होगी, यह हालांकि विधानसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में तय किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि 12 मार्च तक बजट सत्र चल सकता है। सात या आठ मार्च को सुबह 11 बजे बजट पेश होने की संभावना है। बजट सत्र में कई नए विधेयक पेश होंगे, जिन पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की गई है। साथ ही, आजादी से पहले और संयुक्त पंजाब के समय से चले आ रहे 20 से अधिक पुराने कानूनों को निरस्त किया जाएगा।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ हरियाणा सरकार कानून बनाने जा रही है। हरियाणा गैर-कानूनी धर्मांतरण रोकधाम विधयेक-2022 विधानसभा के इसी बजट सत्र में लाया जाएगा। इस कानून के तहत धर्मांतरण के पहले डीसी को सूचना देनी होगी। अवैध धर्मांतरण कराने वालों पर कानून का शिकंजा कसा जाएगा। इसके लिए कानून का मसौदा काफी समय पहले तैयार हो चुका था, जिसे इस बार के बजट सत्र में पेश किया जाने वाला है।

उन्होंने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से जुड़े आजादी से पहले के तमाम ऐसे पुराने कानूनों को निरस्त करने को बजट सत्र में विधेयक पेश होगा, जिनकी अब कोई उपयोगिता नहीं रह गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार बजट सत्र कितने दिन चलेगा, इसका फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में होगा। बता दें कि दो मार्च को बजट सत्र की शुरूआत राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के अभिभाषण से होगी। तीन व चार मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी। पांच को शनिवार व छह को रविवार की छुट्टी रहेगी।

सात मार्च को मुख्यमंत्री बजट पर अपना उत्तर दे सकते हैं। ऐसी भी संभावना है कि चार मार्च को ही सत्र की डबल सीटिंग कर इसी दिन सीएम अपना उत्तर दे दें। अगर ऐसा होता है तो सात मार्च को मुख्यमंत्री बजट पेश कर सकते हैं अन्यथा आठ मार्च को बजट पेश होगा। आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। ऐसे में यह सत्र महिलाओं के नाम समर्पित किया जा सकता है। इससे पहले भी स्पीकर एक बार महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को सत्र समर्पित कर चुके हैं। बजट पर चर्चा व बहस के बाद सीएम का जवाब आएगा।

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