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हरियाणा: पानीपत के इस खिलाड़ी की चोट ने बदली जिंदगी, कबड्डी छोड़ बाडी बिल्डिंग में बना विश्‍व चैंपियन

Rakesh Gusaiana
31 May 2022 11:38 AM GMT
हरियाणा: पानीपत के इस खिलाड़ी की चोट ने बदली जिंदगी, कबड्डी छोड़ बाडी बिल्डिंग में बना विश्‍व चैंपियन
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पानीपत (Panipat) का रहने वाला खिलाड़ी रामनिवास बाडी बिल्डिंग में विश्‍व चैंपियन बना। नांगल खेड़ी के चांदराम मलिक का सपना था कि बेटा रामनिवास हरियाणा स्टाइल कबड्डी का स्टार रेडर बने। चोट लगने के कारण खेल छूट गया था।

नांगल खेड़ी गांव के रामनिवास मलिक ने कभी नहीं सोचा था कि वह बाडी बिल्डिंग में विश्व चैंपियन बन जाएंगे। किसान पिता चांदराम मलिक का सपना था का बेटा हरियाणा स्टाइल कबड्डी का स्टार रेडर बने और परिवार का नाम रोशन करे। पिता के बताए रास्ते पर चलते हुए रामनिवास ने कबड्डी खेलना शुरू किया और जिला स्तर पर सफलता भी हासिल की। फिर खेलते हुए चोट लगी।

इस घटना से वह टूट गए थे। तब पिता ने हौसला दिया। कुछ दिन तक आराम किया और दोस्तों ने बाडी बिल्डिंग को अपनाने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। विश्व, एशिया में स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ उन्होंने पांच बार मिस्टर इंडिया का खिताब जीता।

बाडी बिल्डिंग के बूते रेलवे में टीटीई की नौकरी भी पाई। तीन साल बाद वापसी करते रामनिवास ने हिमाचल के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में हुई नेशनल बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में 100 किलोग्राम भार वर्ग में देश के 18 नामचीन बाडी बिल्डरों को पछाड़ते हुए स्वर्ण पदक जीता। अब वह अक्टूबर में मंगोलिया में होने वाली विश्व बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप की तैयारी में जुट गए हैं।

रेलवे में चीफ आफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर तैनात रामनिवास ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि बाडी बिल्डिंग करना शुरुआत में अटपटा लगा। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते और नौकरी मिली तो इस खेल में सफलता हासिल करने का जुनून हो गया। अब देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना लक्ष्य है। इसके लिए वह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हर रोज सुबह-शाम आठ घंटे अभ्यास कर रहा है।

ये है चैंपियन की खुराक

रामनिवास का कहना है कि खेल में सफलता पाने के लिए जीभ के स्वाद का त्याग करना पड़ता है। शरीर पर चर्बी न बढ़े इसलिए प्रतियोगिता से दो महीने पहले वह मिठाई व तली हुई चटपटी खाद्य सामग्री का सेवन बंद कर देते हैं। वह पसंदीदा पेय पदार्थ दूध का सेवन भी बंद कर देते हैं। रोज डेढ़ किलो चिकन, एक किलो फिश, 40 अंडे, जूस, दाल और फल खाते हंै।

जिससे हार गए थे, उसे ही हरा दिया

रामनिवास ने बताया कि 2017 में उसने मिस्टर इंडिया बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। लेकिन ओवर आल खिताब में महाराष्ट्र के सुनीत जाधव से हार गए। जिद थी कि खिताब जीतना है। 2018 में सुनीत जाधव को हराकर मिस्टर इंडिया का खिताब जीता।

ये है सफलता

-विश्व बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण व रजत पदक।

-एशियन बाडी बाडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण।

-आल इंडिया यूनिवर्सिटी में चार स्वर्ण पदक।

-पांच बार मिस्टर इंडिया खिताब जीता

-नार्थ इंडिया चैंपियनशिप दो स्वर्ण पदक।

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