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बारिश में नहाने का आनंद ले रहे बच्चे, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Lalit Bhadu
4 July 2022 9:29 AM GMT
बारिश में नहाने का आनंद ले रहे बच्चे, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान
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इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे फिसलने वाले चप्पल-जूते पहनकर न नहाएं. नहाने के दौरान इधर-उधर न दौड़ें.

Rainy Season Tips For Toddler: मॉनसून का मौसम है, तो बारिश में नहाने का दिल भी बच्चे-बड़े सभी को खूब करता है. बारिश में मस्ती करने में जितना मजा आता है बीमार होने पर तकलीफ भी उतनी ही ज्यादा होती है. ऐसे में इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि बारिश में मस्ती करते हुए खासकर बच्चे कहीं बीमार न पड़ जाएं. यहां जानें ऐसी कुछ बातों के बारे में जिनका ध्यान रखकर बारिश में नहाने का आनंद ले सकते हैं और बीमार होने से भी बच सकते हैं.

बच्चों को बारिश में नहाने की छूट दे रहे तो इन बातों का रखें ध्यान

• बारिश में 15-20 मिनट से ज्यादा न नहाने दें. ज्यादा देर नहाने से बच्चे बीमार पड़ सकते हैं.

• बाहर या छत पर नंगे पैर न नहाने दें, इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे फिसलने वाले चप्पल-जूते पहनकर न नहाएं. नहाने के दौरान इधर-उधर न दौड़ें.

• अगर पार्क में नहा रहे हों तो उन जगहों से बचें, जहां कीड़े-मकौड़े हो सकते हैं.

• बारिश में नहाने के फौरन बाद घर में शैंपू से बाल धो लें और साबुन लगाकर अच्छी तरह नहा लें.

• नहाने के फौरन बाद बच्चों के शरीर को अच्छी तरह सूखा लें और हो सके तो एक कप गुनगुना दूध पीला दें, ताकि उन्हें ठंड न लगे.

मानसून में बच्चे घर में ही खेल सकते हैं ये इनडोर गेम्स

मानसून के दौरान बच्चे चाह कर भी कई बार बाहर नहीं खेल पाते, ऐसे में उन्हें कुछ नये और दिलचस्प इनडोर गेम्स ट्राइ करने को बोलें. बच्चे ट्रेजर हंट गेम्स खेल सकते हैं. इसके लिए कोई एक घर में अलग-अलग जगहों पर कुछ चीजें छिपा देा. चीजों को ऐसी जगह पर छिपाएं कि उन्हें ढूंढ़ने के लिए सभी को बड़ी जगह पर घूमना पड़े. फ्रीज गेम भी खेल सकते हैं. कोई बढ़िया-सा म्यूजिक बजएं और किसी एक फ्रेंड को म्यूजिक सिस्टम बंद करने का जिम्मा दें. फिर सारे बच्चे इस पर डांस करें. म्यूजिक कंट्रोल करने वाले दोस्त से कहें कि वह बीच-बीच में म्यूजिक बंद कर दे. जब म्यूजिक बंद होगा तो सभी को 10 सेकंड के लिए उसी जगह फ्रीज होना होगा. इसे बार-बार दोहरा सकते हैं, इससे बहुत मजा आयेगा.

कैसे होता है मॉनसून के आने का अनुमान

मॉनसून कैसा रहेगा, यह जानने के लिए मौसम विभाग को सैटेलाइट के साथ ऑब्जर्वेशन नेटवर्क से भी मदद मिलती है. सैटेलाइट की मदद से तीन तरह की इमेज विभाग को मिलती हैं. विजिबल फॉर्म, इसमें सूर्य की रोशनी जिन बादलों पर पड़ती है. साथ ही इंफ्रारेड इमेज मिलती हैं. इनमें दिन और रात को धरती के वातावरण में मौजूद बादलों की तस्वीरें मिलती हैं. तीसरी तरह की इमेज में पता चलता है कि बादलों में कितना पानी मौजूद है. साथ ही, इनमें बादलों की रफ्तार का भी पता चलता है. मॉनसून के हालात जानने के लिए सरफेस का ऑब्जर्वेशन नेटवर्क होता है.

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