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Haryana Weather Report: हरियाणा में लू से बेहाल हुए लोग, 2 मई से प्री-मानसून गतिविधियों से राहत की उम्मीद

Rakesh Gusaiana
1 May 2022 7:16 AM GMT
Haryana Weather Report: हरियाणा में लू से बेहाल हुए लोग, 2 मई से प्री-मानसून गतिविधियों से राहत की उम्मीद
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केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर के ऊपर है और एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास के हिस्सों में देखा जा सकता है

देशभर के अधिकांश हिस्सों में गर्मी चरम पर पहुंच गई है। कुछ शहरों में 45.0 से 47.0 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। हरियाणा व दिल्ली भी इससे अछूते नहीं हैं। ज्यादातर उत्तर प्रदेश, विदर्भ, उत्तरी राजस्थान, दिल्ली के हरियाणा भागों, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्मी ने रिकार्ड तोड़ा है। दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के बांदा में अब तक का सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया गया।

बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता

दिल्ली में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का तापमान 46.4 डिग्री दर्ज किया गया है। हालांकि, उम्मीद की जा रही है क्योंकि प्री-मानसून गतिविधियां दो मई से उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में शुरू होने की उम्मीद है। ये प्री-मानसून गरज, धूल भरी आंधी और हल्की गरज के साथ तापमान गिर सकता है। देश के कुछ हिस्सों से लू के थमने की संभावना है। अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी पर निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है।

समय से पहले भीषण गर्मी से पैदा हुआ बिजली संकट

दिल्ली के लिए, 2010 के बाद 1951 के बाद से यह दूसरा सबसे गर्म अप्रैल है। गर्मी की लहर से लेकर भीषण गर्मी की लहर से जुड़े लंबे समय तक सूखे के कारण देश भर के कई राज्यों में बिजली संकट पैदा हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र हैं।

देशभर में यह बना हुआ है मौसमी सिस्टम

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर के ऊपर है और एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास के हिस्सों में देखा जा सकता है। एक टर्फ रेखा मध्य प्रदेश के मध्य भाग से विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक होते हुए दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। एक अन्य टर्फ रेखा उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार होते हुए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है।

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